Heritage Conservation and Environmental Law in India: The Journey from Paper Orders to Ground Reality

Pollution threat to monuments like Taj Mahal continues despite judicial orders due to lack of implementation. Even though this study is limited only to the Taj Mahal, something similar is happening everywhere in the country and behind all of them, to a greater or lesser extent, are the same reasons that have come out through these various studies. Continue reading …..

भारत में धरोहर संरक्षण और पर्यावरण विधि: कागजी आदेशों से धरातलीय हकीकत तक का सफर

ताजमहल जैसे स्मारकों पर प्रदूषण का खतरा जारी, न्यायिक आदेशों के बावजूद क्रियान्वयन की कमी। यह चिंताजनक स्थिति केवल पुरातात्विक क्षरण की बीती बात नहीं कहती, बल्कि हमारे देश की विधिक और प्रशासनिक व्यवस्था के समक्ष कई तीखे सवाल खड़े करती है। Continue reading …..

झूठे दावों पर मिली नौकरी शुरुआत से ही अवैध: आरक्षण घोटाले का कानूनी विश्लेषण

भाग 10 में ईश्वर निखारे और इंडियन ऑयल मामलों के जरिए आरक्षण प्रणाली की विफलता को समझें। जानें कि कैसे अयोग्य लोगों ने कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया और असली आदिवासियों के अधिकारों का हनन किया। Continue reading …..

आरक्षण का अधिकार और फर्जीवाड़े की मार: हाशिए के समाज पर सीधा असर

भाग 9 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और एमएमआरडीए जैसे मामलों के फैसले शामिल हैं। जानें कि कैसे सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी हलबा प्रमाणपत्र के आधार पर दशकों से काम कर रहे कर्मचारियों की बहाली के आदेश रद्द किए। Continue reading …..

असली आदिवासियों को न्याय: फर्जी जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ एक बड़ी कानूनी जीत

भाग 8 में जगदीश बलराम बहिरा और अन्य जुड़े मामलों के व्यक्तिगत आदेश पढ़ें। उच्च न्यायालयों द्वारा फर्जी प्रमाणपत्र धारकों को दी गई सेवा सुरक्षा को सुप्रीम कोर्ट ने कैसे रद्द कर दिया, इसका विस्तृत विश्लेषण जानें। Continue reading …..

बिना सहानुभूति के बर्खास्तगी: फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर सर्वोच्च न्यायालय का रुख

भाग 7 में फर्जी जाति प्रमाणपत्रों पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम कानूनी निष्कर्ष पढ़ें। न्यायालय ने साफ किया कि दशकों की सेवा या सहानुभूति असंवैधानिक नियुक्तियों को नहीं बचा सकती, और सभी अवैध लाभ वापस लिए जाने चाहिए। Continue reading …..

संविधान के साथ धोखा: फर्जी प्रमाण पत्रों से सरकारी नौकरी हथियाने का सच

भाग 6 में जानें कि सुप्रीम कोर्ट ने शालिनी दलाल मामले को क्यों पलटा। महाराष्ट्र जाति प्रमाण पत्र अधिनियम की धारा 10 का सख्ती से पालन करते हुए सभी लाभ वापस लेने का आदेश कैसे दिया गया, पढ़ें। Continue reading …..

आरक्षण में फर्जीवाड़ा: असली आदिवासियों के हक पर कैसे पड़ रहा है डाका

भाग 5 में न्यायालय द्वारा खारिज और स्वीकृत मिसालों को पढ़ें। सुप्रीम कोर्ट ने कविता सोलुंके फैसले को गलत ठहराते हुए स्पष्ट किया कि फर्जी दावे में धोखाधड़ी का इरादा साबित करना जरूरी नहीं है। Continue reading …..