यह धारा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करती है, यह परिभाषित करती है कि किन सरकारी संपत्तियों को अतिचार से सुरक्षित रखा जाना है और कौन से अधिकारी अतिचार करने वाले पशुओं को ज़ब्त कर सकते थे। महत्वपूर्ण सार्वजनिक निर्माण मे शामिल थे, सार्वजनिक सड़कें, आमोद-प्रमोद स्थल (पार्क), नहरें, जल-निकास के कार्य (ड्रेनेज), बाँध, साथ ही, इन सड़कों, नहरों या बाँधों के किनारे या ढलान (Sides or Slopes) को भी सुरक्षा प्रदान की गई थी। अतिचार करने वाले या भटकते हुए पाए गए पशुओं को पकड़ने का अधिकार इन सड़कों, नहरों, बाँधों आदि के भारसाधक व्यक्ति, यानी, वे अधिकारी जो उनके रखरखाव और नियंत्रण के लिए जिम्मेदार थे और पुलिस के अधिकारी को दिया गया था। ज़ब्त किए गए पशुओं को पकड़ने वाले अधिकारी को चौबीस घंटे के भीतर उन्हें निकटतम कांजी हौस को भेजना या भिजवाना अनिवार्य था।
Actor incumbit onus probandi:
Concept Actori incumbit onus probandi is a Latin legal maxim that translates to “the burden of proof lies upon the plaintiff.”[1] This principle is foundational in legal systems worldwide. It establishes that the party initiating a legal claim, typically the plaintiff, is responsible for proving the facts of their case. This concept ensures fairness in […]
