सुप्रीम कोर्ट का सख्त फैसला: फर्जी जाति प्रमाण पत्र वालों की अब खैर नहीं

भाग 4 में माधुरी पाटिल और मिलिंद कटवारे जैसे ऐतिहासिक फैसलों का विश्लेषण है। जानें कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 142 के तहत पिछले विवेकाधीन आदेश अमान्य नियुक्तियों को बचाने का सामान्य नियम नहीं बनाते। Continue reading …..

फर्जी जाति प्रमाण पत्र और आरक्षण का महाघोटाला: किसे मिल रहा है फायदा

जगदीश बलराम बहिरा मामले के भाग 3 में जानें कि सुप्रीम कोर्ट ने सहानुभूति की दलीलों को क्यों खारिज किया। अमान्य प्रमाणपत्र से नौकरी पाना संविधान के साथ धोखाधड़ी है, यह सिद्धांत अदालत ने कैसे स्थापित किया, पढ़ें। Continue reading …..

फर्जी जाति प्रमाण पत्र: दशकों की सरकारी नौकरी के बाद भी क्यों जा रही है कुर्सी

भाग 2 में अपीलकर्ताओं और उत्तरदाताओं की दलीलें पढ़ें। जानें कि क्यों नियोक्ताओं ने फर्जी प्रमाणपत्र पर मिली नौकरी को शुरुआत से अवैध माना, जबकि कर्मचारियों ने दशकों की सेवा के आधार पर सहानुभूति की मांग की। Continue reading …..

अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों का हनन: फर्जी जाति प्रमाण पत्र का बढ़ता मायाजाल

एफसीआई बनाम जगदीश बलराम बहिरा मामले के भाग 1 में बोगस जाति प्रमाण पत्रों के कानूनी विवाद को समझें। जानें कैसे सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण के दुरुपयोग और अनुच्छेद 142 के तहत न्यायिक शक्तियों पर चर्चा की। Continue reading …..