संविधान के साथ धोखा: फर्जी प्रमाण पत्रों से सरकारी नौकरी हथियाने का सच

भाग 6 में जानें कि सुप्रीम कोर्ट ने शालिनी दलाल मामले को क्यों पलटा। महाराष्ट्र जाति प्रमाण पत्र अधिनियम की धारा 10 का सख्ती से पालन करते हुए सभी लाभ वापस लेने का आदेश कैसे दिया गया, पढ़ें। Continue reading …..

आरक्षण में फर्जीवाड़ा: असली आदिवासियों के हक पर कैसे पड़ रहा है डाका

भाग 5 में न्यायालय द्वारा खारिज और स्वीकृत मिसालों को पढ़ें। सुप्रीम कोर्ट ने कविता सोलुंके फैसले को गलत ठहराते हुए स्पष्ट किया कि फर्जी दावे में धोखाधड़ी का इरादा साबित करना जरूरी नहीं है। Continue reading …..

सुप्रीम कोर्ट का सख्त फैसला: फर्जी जाति प्रमाण पत्र वालों की अब खैर नहीं

भाग 4 में माधुरी पाटिल और मिलिंद कटवारे जैसे ऐतिहासिक फैसलों का विश्लेषण है। जानें कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 142 के तहत पिछले विवेकाधीन आदेश अमान्य नियुक्तियों को बचाने का सामान्य नियम नहीं बनाते। Continue reading …..

फर्जी जाति प्रमाण पत्र और आरक्षण का महाघोटाला: किसे मिल रहा है फायदा

जगदीश बलराम बहिरा मामले के भाग 3 में जानें कि सुप्रीम कोर्ट ने सहानुभूति की दलीलों को क्यों खारिज किया। अमान्य प्रमाणपत्र से नौकरी पाना संविधान के साथ धोखाधड़ी है, यह सिद्धांत अदालत ने कैसे स्थापित किया, पढ़ें। Continue reading …..

फर्जी जाति प्रमाण पत्र: दशकों की सरकारी नौकरी के बाद भी क्यों जा रही है कुर्सी

भाग 2 में अपीलकर्ताओं और उत्तरदाताओं की दलीलें पढ़ें। जानें कि क्यों नियोक्ताओं ने फर्जी प्रमाणपत्र पर मिली नौकरी को शुरुआत से अवैध माना, जबकि कर्मचारियों ने दशकों की सेवा के आधार पर सहानुभूति की मांग की। Continue reading …..

अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों का हनन: फर्जी जाति प्रमाण पत्र का बढ़ता मायाजाल

एफसीआई बनाम जगदीश बलराम बहिरा मामले के भाग 1 में बोगस जाति प्रमाण पत्रों के कानूनी विवाद को समझें। जानें कैसे सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण के दुरुपयोग और अनुच्छेद 142 के तहत न्यायिक शक्तियों पर चर्चा की। Continue reading …..

आरक्षणाच्या फसवणुकीत कोणतीही सहानुभूती नाही: सर्वोच्च न्यायालयाचे कडक धोरण

हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स, आयओसीएल, आणि एमएमआरडीए सारख्या संस्थांमधील बोगस जात प्रमाणपत्र धारकांवर सर्वोच्च न्यायालयाने केलेली कारवाई जाणून घ्या. दशकांच्या सेवेनंतरही बेकायदेशीर नोकऱ्या कशा संपुष्टात आल्या, याचे प्रकरणनिहाय कायदेशीर विश्लेषण या शेवटच्या भागात वाचा. Continue reading …..

सर्वोच्च न्यायालयाचा दणका: बोगस जात प्रमाणपत्र धारकांना नोकरीतून बडतर्फी

जगदीश बालाराम बहिरा खटल्याशी जोडलेल्या विविध २२ प्रकरणांमध्ये सर्वोच्च न्यायालयाने काय निर्णय दिले? उच्च न्यायालयांनी बोगस प्रमाणपत्र धारकांना दिलेले सेवेचे संरक्षण सर्वोच्च न्यायालयाने कसे रद्द ठरवले, याची प्रकरणनिहाय सविस्तर माहिती या भागात वाचा. Continue reading …..